-
348
छात्र -
303
छात्राएं -
25
कर्मचारीशैक्षिक: 25
गैर-शैक्षिक: 4
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय राजौरी ,जम्मू कश्मीर
उत्पत्ति
केंद्रीय विद्यालय, राजौरी, अगस्त 1980 में, गुणवत्ता शिक्षा के माध्यम से एक अवसर प्रदान करने के लिए, सात्विकरण में अस्तित्व में आया। विविधता में एकता वाला एक सह-शिक्षा विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध है। छात्र हर साल मार्च के महीने में एआईएसएससीई (कक्षा X) और एआईएसएससीई (कक्षा XII) की परीक्षा देते हैं। यह 2 सेक्शन का स्कूल है। यह ...
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।; स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए; केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा ...
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए; केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा ...
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री हर्षित मिश्रा
उपायुक्त
“शिक्षा का अर्थ यह नहीं है कि आपके मस्तिष्क में ऐसी बहुत - सी बातें इस तरह भर दी जाये कि अंतर्द्वंद्व होने लगे और आपका मस्तिष्क उन्हें जीवन भर पचा न सके। जिस शिक्षा से हम अपना जीवन निर्माण कर सकें, मनुष्य बन सकें, चरित्र गठन कर सकें और विचारो का सामंजस्य....
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श्री विक्रांत कुमार
प्राचार्य
आपमें से एक के रूप में, मैं हमारे सामने आने वाले सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य को समझता हूं और उसकी सराहना करता हूं। एक बच्चे के भाग्य को आकार देना हममें से प्रत्येक के लिए बहुत गर्व की बात है। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति में दोहरे सामंजस्य की स्थापना...
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03/09/2024
के.वि. बीएसएफ राजौरी के छात्रों ने के.वि. नंबर 1 जम्मू में आयोजित युवा संसद 2024-25 में तीसरा स्थान हासिल किया।
और पढ़ेशिक्षक
विद्यार्थी
श्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा दसवीं और बारहवीं कक्षा
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
वर्ष 2020-21
परीक्षा 34 उत्तीर्ण 34
वर्ष 2021-22
परीक्षा 37 उत्तीर्ण 34
वर्ष 2022-23
परीक्षा 37 उत्तीर्ण 37
वर्ष 2023-24
परीक्षा 29 उत्तीर्ण 29
वर्ष 2020-21
परीक्षा 10 उत्तीर्ण 10
वर्ष 2021-22
परीक्षा 11 उत्तीर्ण 11
वर्ष 2022-23
परीक्षा 11 उत्तीर्ण 11
वर्ष 2023-24
परीक्षा 10 उत्तीर्ण 10